रेशमी अहसास से भरपूर
तुम्हारी नर्म निश्चल- सी छुअन,
मुझको
उनिन्दे-से अन्थेरों की परिधि में डाल कर
परितृप्ति के आलोक का आभास देती है;
मुझे संजीवनी का ताप देती है।
तुम्हारी नर्म निश्चल- सी छुअन,
मुझको
उनिन्दे-से अन्थेरों की परिधि में डाल कर
परितृप्ति के आलोक का आभास देती है;
मुझे संजीवनी का ताप देती है।
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