ऐ बादलों …
ऐ बादलों, रिमझिम के रँग लिये कहाँ चले
झूमती उमँग लिये, प्यार की पतँग लिये
जीया मोरे सँग लिये, कहाँ चले
ओहो ओ ओहो …
सनन-सनन पवन घूम-घूम के
बाँसुरी बजाये झूम-झूम के
??? कानों में कहे
प्यार करो, देखो न इनकार करो
अजी सुनो कहाँ चले
ओहो ओहो …
लचक-लचक फूलों की ये डालियाँ
जाने क्यूँ बजा रही हैं तालियाँ
दिल में कोई आके कहे
प्यार करो, देखो न इनकार करो
अजी सुनो कहाँ चले
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