Tuesday, April 7, 2015

जयपुर

हर शहर में अपनी कुछ खासियत, कुछ अनोखापन होता है ।
जयपुर गुलाबी शहर के नाम से जाना जाता है ।
आमेर का किला,  सी टी पैलेस, जयगढ़, जलमहल, हवा महल,
बापू बाजार, जौहरी बाजार,
चोखी ढ़ाणी ...
चाँद पोल आदि कई पोल...
कहाँ तक गिनाऊँ ???
जगह जगह बिखरा दमकता गुलाबी रंग ।
Hotels...
और होटलों में बिखरी शाही शानो-शौकत...
सभी कुछ भव्य है ।


भीड़...
Traffic...
मत पूछिये ।
और सोने पे सुहागा...
जगह जगह रोड-ब्लौक्स,
बेरहम पुलिस...

सभी कुछ खौफज़दा है ।


फिर भी पर्यटक आते हैं ।
बड़ी संख्या में ।
और गाईड आमेर में राजा की बारह रानियों की कहानियाँ चस्के ले ले कर सुनाता है ।
और उनके निवास भी दिखाता है ।


मेरा मन खोज रहा है उस अनोखेपन को,
जिसे तलाशती दिल्ली से आई हूँ ।

रंग-बिरंगी टोपियाँ पहन पहन कर लोग घूम रहें है ।
मैंने भी एक टोपी ली और पहन कर पूरे जयपुर में घूमी।


'नमस्ते' की संस्कृति मन भा गई ।
कहाँ हो दिल्ली वालों !
यहाँ सब कुछ है ,पर नमस्ते गायब है ।
सीधे-सादे अनगढ़ लोग मुझे भा गये ।
और मेरे मन के एक कोने में आ कर बस गये हैं ।


Hello ! ITC Rajputana !
Hospitality and ambience was very nice.
And food !!!
Wah !
Superb...
Breakfast, lunch and dinner...
Taste and variety at its best .
I really loved and enjoyed the trip,sponsored by my son, Himanshu.
Thank you Beta .

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